बौद्धिक संपदा अधिकार

सेंट थॉमस महाविद्यालय मेंबौद्धिक संपदा अधिकारविषय पर कार्यशाला का आयोजन

सेंट थॉमस महाविद्यालय के जूलॉजी,वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “बौद्धिक संपदा अधिकार” विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया| इस कार्यशाला के मुख्य वक्ता केरल के केएसएमडीबी महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. अजेश एस. आर. थे| उन्होंने अपने उद्बोधन में बताया कि बौद्धिक संपदा अधिकार क्या होता है? भारत में इसके कितने प्रकार हैं एवं उन्होंने इसके वैधानिक स्वरूप का विस्तारपूर्वक वर्णन किया| महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ. शाइनी मेंडोस ने इसके महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि आज उद्योग जगत में बौद्धिक संपदा अधिकार का विशेष रूप से उत्पादन में प्रयोग हो रहा है| कार्यक्रम के आरंभ में संयोजक एवं  जूलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ जयश्री बालसुब्रमनियम ने सभी अतिथियों का स्वागत किया| कार्यक्रम का संचालन जूलॉजी विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ नीतूराज पाणिकर ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन वाणिज्य विभाग की  सहायक प्राध्यापिका डॉ शीजा वर्की ने दिया|